Swarnajayanti Gram Swarozgar Yojana online apply

Swarnajayanti Gram Swarozgar Yojana | SGSY Scheme

स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना वित्तीय वर्ष 1999-2000 के प्रारंभ में शुरू की गई  जिसमे 6 अन्य योजनाओं के प्रतिस्थापित (Restructured) किया गया। इसकी पहल एक एकीकृत कार्यक्रम के रूप में की गई जो ग्रामीण गरीबों को स्वरोजगार प्रदान करेगा । इस योजना की शुरुआत ग्रामीण विकास मंत्रालय ( ministry of rural development) द्वारा की गई । जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले गरीब परिवारों को स्वरोजगार (rural employment) के अवसर उपलब्ध कराना था । इसके साथ ही इसमे Insaurance Cover और Repayment of Loan की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी । Scheme की जानकारी को विस्तार से जानने के लिए sgsy scheme ppt पर जाए ।

What is Swarnajayanti Gram Swarozgar Yojana?

स्वर्णजयंती ग्राम स्वरोजगार योजना (SGSY) को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (National Rural Livelihood Mission (NRLM) के रूप में पुनर्गठित किया गया है। यह योजना 1 जनवरी 1999 से (Started in Financial Year 1990) ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यान्वित है। जिसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने के लिए “आजीविका” का नाम देकर लागू किया । (It has now been restructured as “Ajeevika”) राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत भौतिक (physical)और वित्तीय प्रगति के लिएइसका डाटा  प्रदर्शित किया जाएगा । यह योजना केन्द्रीय और राज्य सरकार द्वारा 75:25 के अनुपात में वित्त पोषित है । इसे वाणिज्यिक बैंकों, क्षेत्रीय बैंकों और सहकारी बैंकों द्वारा कार्यान्वित किया जाता है ।

Objectives of SGSY

  • देश के Rural Areas में बड़ी संख्या में सूक्ष्म उद्यमों(Micro enterperises) की स्थापना करना । जिससे  गरीबी उन्मूलन पर ध्यान केंद्रित किया जाए।
  • इन सभी योजनाओं के सकारात्मक पहलू और कमियों को ध्यान में रखते हुए स्वर्णजयंती स्वरोजगार योजना को तैयार किया गया ।
  • एक ही प्रकार के कई कार्यक्रमों को एक साथ चलाने की समस्या पर काबू पाने के लिए ।
  • इस स्कीम के माध्यम से कम आय वाले परिवारों को समय समय पर निरंतर आय के सुअवसर प्राप्त कराना है । उनको गरीबी रेखा के ऊपर आने में सक्षम बनाने के उद्देश्य से इस योजना को लागू किया गया ।
  • गांवों में रहने गरीब परिवार को सामाजिक जुटाव, प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और आय सृजन परिसंपत्तियों के प्रावधान के माध्यम से स्व-सहायता समूहों (SHGs ) में संगठित करके पूरा किया जाएगा ।

Restructured of Swarnjayanti Gram Swarozgar Yojana

भारतीय सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वाराइस नई पहल को अन्य 6 योजनाओं का पुनर्गठन करके शुरू किया गया । ये मौजूद योजनाएँ थी ।

  1. एकीकृत ग्रामीण विकास कार्यक्रम – Integrated Rural Development Programme (IRDP)
  2. ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण – Training of Rural Youth for Self Employment (TRYSEM)
  3. Rural Area  में महिलाओं और बच्चों का विकास – Development of Women & Children in Rural Areas (DWCRA)
  4. ग्रामीण कारीगरों को बेहतर उपकरण की आपूर्ति – Supply of Improved Tool kits to Rural Artisans (SITRA)
  5. गंगा कल्याण योजना – Ganga Kalyan Yojana (GKY)
  6. मिलियन वेल्स योजना – Million Wells scheme (MWS)

Important Groups in SGSY

Self Help Groups (SHGs)

  • ग्राम सभा द्वारा बीपीएल लिस्ट से बाहर किए गए “स्वरोजगारियों” द्वारा ये स्व सहायता समूह आयोजित किए जाएंगे ।
  • इस योजना के माध्यम से SHGs को पुनर्गठन क लिए पोषण और बैंकों के साथ जुडने का मौका मिलता है।
  • जिन्हें आय-उत्पादक गतिविधियों के लिए ऋण-सह-सब्सिडी के आधार पर सहायता प्रदान की जाएगी।
  • योजना के नियमों के अनुसार , ब्लॉक स्तर पर बनने वाले समूहों में आधे महिला समूह होने चाहिए ।

Funding and Training

  • योजना के तहत गठित समूहों को सरकार के स्वामित्व वाले संगठनों द्वारा प्रबंधित, शिक्षित और वित्त पोषित किया जाएगा।
  • जिनमे जिला भूमि विकास एजेंसियों (DRDA) को बढ़ावा देने वाले गैर सरकारी संगठनों(NGOs), CBO, बैंक आदि आते है ।
  • इसमे दिए गए प्रशिक्षण में bookkeeping (बहीखाता पद्धति) , market Knowledge (बाजार ज्ञान) , पहचान (identification) , मूल्यांकन (appraisal) , उत्पाद लागत के साथ परिचय ( acquaintance with product costing), बैंको द्वारा वित्त पोषित गतिविधियों से परिचय आदि को शामिल किया गया ।

Swarna Jayanti Gram Swarozgar Yojana Application Form

  • SGSY में आवेदन करने के लिए सबसे आप इसकी आधिकारिक वेबसाईट – official website पर जाए ।
  • यहाँ  पूछी  गई सभी information को सही प्रकार से भर दे ।
  • इस प्रकार आप SGS yojna में आवेदन कर सकते है ।

Planning

ग्रामीण क्षेत्रों की क्षमता के आधार पर यहाँ बड़ी संख्या में लघु उद्योग ( mirco industries) स्थापित करने की पहल की जा रही है। गरीबों की क्षमता निर्माण, कौशल विकास प्रशिक्षण, ऋण, प्रशिक्षण, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, विपणन और बुनियादी ढांचे जैसे विभिन्न घटकों पर उचित विचार करके एक roadmap तैयार किया गया है ।

इस स्कीम में निम्नलिखित प्रक्रियाओं को शामिल किया गया है 

  1. समूह निर्माण (Group Creation) – यह चरण सदस्यों के कौशल स्तर का आँकलन करेगा ।
  2. पूंजी निर्माण (Capital Creation) – इस चरण में Rotating Fund सिस्टम का use किया जाता है। जिससे सदस्यों को कौशल स्तर सुधारने का मौका दिया जाता है ।
  3. कार्यान्वयन (Implementation)- अंतिम चरण संबंधित समूहों को वांछित गति के अनुसार संसाधित कर कार्यान्वित किया जाएगा ।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *